Lic Scheme : आज के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसका भविष्य सुरक्षित रहे और परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। निवेश के कई विकल्प बाजार में मौजूद हैं, लेकिन आज भी करोड़ों लोगों का भरोसा Life Insurance Corporation of India यानी LIC पर ही टिका हुआ है। अगर आप भी कम रकम से लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो LIC की ‘जीवन आनंद’ (Jeevan Anand – प्लान नंबर 915) पॉलिसी आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। यह प्लान बीमा और बचत दोनों का कॉम्बिनेशन है, जो सुरक्षा के साथ रिटर्न भी देता है।
1400 रुपये महीना और 25 लाख का अनुमानित फंड
अक्सर लोग सोचते हैं कि बीमा पॉलिसी लेने के लिए भारी-भरकम प्रीमियम देना पड़ेगा, लेकिन जीवन आनंद प्लान आम बजट में फिट बैठने वाला प्लान माना जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई 35 साल का व्यक्ति 5 लाख रुपये के सम अश्योर्ड के साथ 35 साल की अवधि के लिए यह पॉलिसी लेता है, तो उसे सालाना लगभग 16,300 रुपये का प्रीमियम देना होगा। यानी महीने के हिसाब से करीब 1400 रुपये।
अगर इसे रोज के खर्च से तुलना करें तो यह करीब 45-46 रुपये प्रतिदिन बैठता है। 35 साल में कुल मिलाकर लगभग 5.70 लाख रुपये जमा होते हैं। पॉलिसी मैच्योर होने पर मौजूदा बोनस दरों के आधार पर कुल राशि करीब 25 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इसमें बेसिक सम अश्योर्ड के साथ सिंपल रिविजनरी बोनस और फाइनल एडिशनल बोनस भी शामिल होता है। हालांकि यह रकम समय-समय पर घोषित बोनस पर निर्भर करती है।
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मैच्योरिटी के बाद भी खत्म नहीं होता बीमा
इस प्लान की सबसे खास बात इसका होल लाइफ कवरेज है। आमतौर पर ज्यादातर पॉलिसियां मैच्योरिटी के बाद समाप्त हो जाती हैं, लेकिन जीवन आनंद प्लान में ऐसा नहीं है। जब आपको मैच्योरिटी पर पूरी रकम मिल जाती है, उसके बाद भी 5 लाख रुपये का रिस्क कवर जीवनभर जारी रहता है।
इसका मतलब यह है कि अगर भविष्य में किसी भी समय पॉलिसीधारक का निधन होता है, तो नॉमिनी को 5 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। यह सुविधा इसे बाकी कई एंडोमेंट प्लानों से अलग बनाती है और परिवार को लंबी अवधि तक सुरक्षा देती है।
टैक्स बचत का भी फायदा
सिर्फ बचत और बीमा ही नहीं, यह प्लान टैक्स बचाने में भी मददगार है। जो प्रीमियम आप भरते हैं, उस पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिल सकती है। इसके अलावा मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम और डेथ बेनिफिट भी धारा 10(10D) के तहत टैक्स-फ्री हो सकती है, बशर्ते पॉलिसी सभी शर्तों को पूरा करती हो।
इस तरह यह प्लान आपको एक साथ तीन फायदे देता है—सेविंग, प्रोटेक्शन और टैक्स बेनिफिट।
जरूरत पड़ने पर लोन की सुविधा
कई बार जीवन में अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में यह पॉलिसी आपके काम आ सकती है। पॉलिसी के दो साल पूरे होने के बाद आप इसके खिलाफ लोन ले सकते हैं। इससे आपको इमरजेंसी में अलग से महंगा पर्सनल लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
अगर किसी महीने या साल में प्रीमियम भरने में देरी हो जाए, तो कंपनी की ओर से ग्रेस पीरियड भी दिया जाता है। मासिक प्रीमियम पर 15 दिन और अन्य मोड पर 30 दिन का समय मिलता है। इससे पॉलिसी तुरंत बंद नहीं होती और आपको राहत मिलती है।
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कौन ले सकता है यह प्लान?
इस प्लान को 18 से 50 वर्ष की उम्र के बीच का कोई भी व्यक्ति ले सकता है। पॉलिसी की अवधि 15 से 35 साल तक चुनी जा सकती है। यानी आप अपनी जरूरत और आर्थिक क्षमता के अनुसार टर्म तय कर सकते हैं।
इसके अलावा आप चाहें तो एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट या क्रिटिकल इलनेस जैसे राइडर्स भी जोड़ सकते हैं, जिससे सुरक्षा और मजबूत हो जाती है।
क्या यह प्लान आपके लिए सही है?
अगर आप रिस्क लेने से बचना चाहते हैं और शेयर बाजार की उतार-चढ़ाव से दूर रहकर सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं, तो यह प्लान एक संतुलित विकल्प हो सकता है। हालांकि रिटर्न पूरी तरह से गारंटीड नहीं होते, क्योंकि बोनस कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। इसलिए पॉलिसी लेने से पहले अपनी आय, खर्च और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
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कुल मिलाकर, कम मासिक बचत से लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने और साथ में लाइफटाइम बीमा कवर पाने के लिए यह योजना आकर्षक मानी जाती है। सही प्लान वही होता है जो आपकी वित्तीय स्थिति और लक्ष्यों से मेल खाता हो।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। बीमा पॉलिसी लेने से पहले आधिकारिक ब्रोशर, शर्तें और नियम ध्यान से पढ़ें तथा किसी अधिकृत बीमा सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। रिटर्न और बोनस दरें समय के अनुसार बदल सकती हैं।








